मध्यप्रदेश समाचार: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अन्नदाताओं को 653 करोड़ की राहत राशि प्रदान की, कहा- किसान सीमा पर तैनात जवान की तरह
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हाल ही में किसानों को बड़ा समर्थन देते हुए 653 करोड़ रुपये से अधिक की राहत राशि उनके बैंक खातों में ट्रांसफर की है। यह राशि मुख्य रूप से अतिवृष्टि, बाढ़ और पीला मोजेक वायरस जैसी समस्याओं से प्रभावित फसलों के मुआवजे के रूप में दी गई है। “MP Farmers Relief Fund 2025” के तहत यह पहल राज्य सरकार की किसान कल्याण प्रतिबद्धता को दर्शाती है। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कई जिलों के किसानों से बातचीत की और उनकी समस्याओं को सुना।

मुख्यमंत्री की पहल: किसानों के लिए बड़ा तोहफा
राहत राशि का विवरण
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को समत्व भवन से सिंगल क्लिक के जरिए 8 लाख 84 हजार 772 किसानों के खातों में 653.34 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए। इस राशि में अतिवृष्टि और बाढ़ से हुई फसल क्षति के लिए 331.22 करोड़ रुपये और पीला मोजेक व कीट व्याधि से प्रभावित फसलों के लिए 321.97 करोड़ रुपये शामिल हैं। “CM Mohan Yadav Kisan Sahayata Yojana” जैसी योजनाओं के माध्यम से सरकार ने पहली बार पीला मोजेक वायरस से प्रभावित सोयाबीन फसलों के लिए मुआवजा प्रदान किया है।
यह कदम मध्यप्रदेश की कृषि अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण है, जहां किसान राज्य की GDP में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। “Yellow Mosaic Virus Compensation MP” के अंतर्गत यह सहायता किसानों को आर्थिक संकट से उबारने में मदद करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार हर संकट में किसानों के साथ खड़ी है और पैसे की कोई कमी नहीं है।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से किसानों से संवाद
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न जिलों के किसानों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बात की। किसानों ने इस सहायता के लिए धन्यवाद व्यक्त किया। डॉ. यादव ने किसानों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि जैसे सीमा पर जवान देश की रक्षा करते हैं, वैसे ही किसान खेतों में मेहनत करके अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाते हैं। “Madhya Pradesh Agriculture News 2025” में यह बयान काफी चर्चित हो रहा है। उन्होंने किसानों से भावांतर योजना में रजिस्ट्रेशन कराने की अपील की, ताकि उन्हें और अधिक लाभ मिल सके।
प्रभावित जिलों और फसल क्षति का विवरण
अतिवृष्टि और बाढ़ से प्रभावित क्षेत्र
प्राकृतिक आपदाओं से विदिशा, सिवनी, बडवानी, मंदसौर, नीमच, रतलाम, दमोह, बुरहानपुर, मंडला, खंडवा और उज्जैन जैसे जिलों में 1854 गांवों के 3 लाख 90 हजार 275 किसानों की 34 लाख 94 हजार 898 हेक्टेयर भूमि पर फसलें खराब हुईं। “MP Flood Affected Farmers Relief” के तहत इन क्षेत्रों में राहत प्रदान की गई।
नीचे दी गई तालिका में प्रभावित जिलों का संक्षिप्त विवरण है:
| जिला | प्रभावित गांव | प्रभावित किसान | प्रभावित क्षेत्र (हेक्टेयर) |
|---|---|---|---|
| विदिशा | – | – | – |
| सिवनी | – | – | – |
| बडवानी | – | – | – |
| मंदसौर | – | – | – |
| नीमच | – | – | – |
| रतलाम | – | – | – |
| दमोह | – | – | – |
| बुरहानपुर | – | – | – |
| मंडला | – | – | – |
| खंडवा | – | – | – |
| उज्जैन | – | – | – |
| कुल | 1854 | 3,90,275 | 34,94,898 |
(नोट: विस्तृत आंकड़े समग्र रूप से दिए गए हैं; व्यक्तिगत जिले के लिए आगे की जानकारी उपलब्ध नहीं।)
पीला मोजेक और कीट व्याधि से प्रभावित क्षेत्र
पीला मोजेक वायरस से शहडोल, खंडवा, मंदसौर, रतलाम, दमोह और अलीराजपुर जिलों के 1700 गांवों में 4 लाख 94 हजार 605 किसानों की 3 लाख 3 हजार 366 हेक्टेयर फसल प्रभावित हुई। “Soybean Crop Damage MP 2025” इस समस्या का प्रमुख कारण रहा, जो सोयाबीन फसलों को प्रभावित करता है।
तालिका:
| जिला | प्रभावित गांव | प्रभावित किसान | प्रभावित क्षेत्र (हेक्टेयर) |
|---|---|---|---|
| शहडोल | – | – | – |
| खंडवा | – | – | – |
| मंदसौर | – | – | – |
| रतलाम | – | – | – |
| दमोह | – | – | – |
| अलीराजपुर | – | – | – |
| कुल | 1700 | 4,94,605 | 3,03,366 |
पहले प्रदान की गई राहत राशि
पूर्व के वितरण
इससे पहले, सरकार ने 6 सितंबर को 11 जिलों में फसल क्षति के लिए 17 हजार 500 किसानों को 20.6 करोड़ रुपये दिए थे। अगस्त में भी 30 करोड़ रुपये की राहत प्रदान की गई। वर्ष 2025-26 में अब तक 225.07 करोड़ रुपये वितरित हो चुके हैं। “Previous Farmers Aid MP” के अंतर्गत ये प्रयास निरंतर हैं।
कुल बारिश का आंकड़ा
प्रदेश में अब तक 1148.1 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य से 21% अधिक है। सबसे अधिक बारिश गुना (1668.1 मिमी), मंडला (1589.7 मिमी), रायसेन (1575.5 मिमी), नरसिंहपुर (1446.5 मिमी) और श्योपुर (1441.0 मिमी) में हुई। अन्य जिलों जैसे बैतूल (984.7 मिमी), सीहोर (1055.4 मिमी), शाजापुर (734.6 मिमी) और उज्जैन (857.3 मिमी) में भी अच्छी बारिश हुई। “MP Rainfall Data 2025” इस मौसम की असामान्यता को दर्शाता है।
तालिका: प्रमुख जिलों में बारिश
| जिला | बारिश (मिमी) |
|---|---|
| गुना | 1668.1 |
| मंडला | 1589.7 |
| रायसेन | 1575.5 |
| नरसिंहपुर | 1446.5 |
| श्योपुर | 1441.0 |
| बैतूल | 984.7 |
| सीहोर | 1055.4 |
| शाजापुर | 734.6 |
| उज्जैन | 857.3 |
सरकार की किसान कल्याण नीतियां
भावांतर योजना और अन्य सहायता
मुख्यमंत्री ने किसानों से भावांतर योजना में पंजीकरण कराने की अपील की। यह योजना बाजार मूल्यों में उतार-चढ़ाव से किसानों को बचाती है। “Bhavantar Bhugtan Yojana MP” के तहत पैसे जल्दी मिलेंगे। सरकार किसान कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है और हर हाल में लाभ प्रदान करेगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में प्रगति
डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना की, कहा कि उनके मार्गदर्शन में देश और प्रदेश प्रगति कर रहे हैं। “PM Modi Farmers Schemes 2025” जैसे कार्यक्रमों से किसानों को लाभ मिल रहा है।
निष्कर्ष: किसानों का महत्व
किसान राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। सरकार की यह पहल “Kisan Kalyan Madhya Pradesh” को मजबूत करती है। आगे भी राहत वितरण जारी रहेगा।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
- प्रश्न: मध्यप्रदेश में कितनी राहत राशि किसानों को दी गई? उत्तर: 653.34 करोड़ रुपये 8 लाख 84 हजार 772 किसानों को प्रदान की गई।
- प्रश्न: राहत राशि किस कारण दी गई? उत्तर: अतिवृष्टि, बाढ़ और पीला मोजेक वायरस से फसल क्षति के लिए।
- प्रश्न: कितने जिलों में फसलें प्रभावित हुईं? उत्तर: अतिवृष्टि से 11 जिलों और पीला मोजेक से 6 जिलों में।
- प्रश्न: मुख्यमंत्री ने किसानों से क्या कहा? उत्तर: किसान सीमा पर जवान की तरह हैं और सरकार उनके साथ खड़ी है।
- प्रश्न: अब तक कितनी बारिश हुई है? उत्तर: 1148.1 मिमी, जो सामान्य से 21% अधिक है।
- प्रश्न: पहले कितनी राहत दी गई थी? उत्तर: 6 सितंबर को 20.6 करोड़ और अगस्त में 30 करोड़।
- प्रश्न: भावांतर योजना क्या है? उत्तर: बाजार मूल्यों में अंतर की भरपाई करने वाली योजना।
- प्रश्न: पीला मोजेक वायरस से कितने किसान प्रभावित? उत्तर: 4 लाख 94 हजार 605 किसान।
- प्रश्न: सबसे अधिक बारिश किस जिले में? उत्तर: गुना में 1668.1 मिमी।
- प्रश्न: सरकार की आगे की योजना क्या है? उत्तर: राहत वितरण जारी रखना और किसान कल्याण योजनाओं को मजबूत करना।
