जरूरतमंद तक पहुंचा रहे लाभ: मोहन
परिचय – पक्ष-विपक्ष मिलकर तय करो भविष्य की दिशा
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हाल ही में राज्य की विकास यात्रा को नई दिशा देने वाले महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। जरूरतमंदों तक हर योजना का लाभ पहुँचा रही है सरकार : सीएम मोहन यादव – भोपाल से जारी एक रिपोर्ट में, नवोदय टाइम्स ने 17 दिसंबर 2025 को प्रकाशित अपने लेख में बताया कि राज्य सरकार जरूरतमंद लोगों तक योजनाओं के लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश की जनता के सुख-दुख में सरकार हमेशा साथ खड़ी है। इस लेख में दो प्रमुख घटनाओं पर फोकस किया गया है: पहला, मुख्यमंत्री जन कल्याण (संबल 2.0) योजना के तहत 160 करोड़ रुपये की अनुदान राशि का हस्तांतरण, और दूसरा, मध्य प्रदेश विधानसभा के विशेष सत्र का आयोजन, जहां पक्ष और विपक्ष मिलकर भविष्य की दिशा तय करने पर चर्चा करेंगे।

डॉ. मोहन यादव का संक्षिप्त जीवन परिचय
डॉ. मोहन यादव का जन्म 25 मार्च 1965 को उज्जैन में हुआ था। वे भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के प्रमुख नेता हैं और वर्तमान में मध्य प्रदेश के 19वें मुख्यमंत्री के रूप में कार्यरत हैं। उनकी शैक्षिक योग्यता प्रभावशाली है: उन्होंने बीएससी, एलएलबी, एमबीए, एमए, और पीएचडी की डिग्री प्राप्त की है। राजनीतिक करियर की शुरुआत उन्होंने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) से की, जहां वे छात्र राजनीति में सक्रिय रहे। 2013 से वे उज्जैन दक्षिण विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुने जाते रहे हैं। दिसंबर 2023 में वे मुख्यमंत्री बने, जो बीजेपी की रणनीति का हिस्सा था।
उनका नेतृत्व लोगों के बीच लोकप्रिय है क्योंकि वे नरम स्वभाव के हैं और विकास पर फोकस करते हैं। पूर्व में उच्च शिक्षा मंत्री रहते हुए, उन्होंने शिक्षा क्षेत्र में कई सुधार किए। डॉ. यादव कुश्ती के शौकीन हैं और उन्हें ‘मोहन पहलवान’ के नाम से भी जाना जाता है। उनके नेतृत्व में मध्य प्रदेश ने औद्योगिक विकास, कृषि सुधार, और सामाजिक कल्याण योजनाओं में प्रगति की है। उदाहरण के लिए, विकसित भारत @2047 के विजन को लागू करने में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण है।
यह छवि डॉ. यादव को एक कार्यक्रम में बोलते हुए दर्शाती है, जो उनके नेतृत्व शैली को दर्शाती है।
डॉ. यादव का राजनीतिक सफर संघर्षपूर्ण रहा है। आरएसएस से जुड़े होने के कारण, उन्होंने जमीनी स्तर पर काम किया। मुख्यमंत्री बनने के बाद, उन्होंने महिलाओं, युवाओं, और असंगठित मजदूरों के लिए कई योजनाएं शुरू कीं। उनकी सरकार ने कोविड-19 के बाद आर्थिक पुनरुद्धार पर जोर दिया, जिसमें पर्यटन और निवेश को बढ़ावा दिया गया। उज्जैन जैसे धार्मिक स्थलों को विकसित करने में उनकी रुचि स्पष्ट है। कुल मिलाकर, डॉ. यादव का जीवन प्रेरणादायक है, जो शिक्षा और सेवा के माध्यम से ऊंचाइयों तक पहुंचने का उदाहरण पेश करता है।
मुख्यमंत्री जन कल्याण (संबल) योजना का अवलोकन
मुख्यमंत्री जन कल्याण (संबल) योजना मध्य प्रदेश सरकार की एक प्रमुख सामाजिक सुरक्षा योजना है, जो 2018 में तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा शुरू की गई थी। इसका उद्देश्य असंगठित क्षेत्र के मजदूरों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना है। योजना के तहत, मजदूरों को दुर्घटना, मृत्यु, शिक्षा, और स्वास्थ्य संबंधी लाभ दिए जाते हैं। 2023 में इसे संबल 2.0 के रूप में अपग्रेड किया गया, जिसमें अधिक कवरेज और डिजिटल पंजीकरण शामिल किया गया।
योजना की मुख्य विशेषताएं:
- अंत्येष्टि सहायता: 5,000 रुपये
- सामान्य मृत्यु सहायता: 2 लाख रुपये
- दुर्घटना मृत्यु सहायता: 4 लाख रुपये
- स्थायी अपंगता: 2 लाख रुपये
- आंशिक अपंगता: 1 लाख रुपये
- शिक्षा सहायता: बच्चों के लिए स्कॉलरशिप
यह योजना ई-श्रम पोर्टल से जुड़ी हुई है, जो राष्ट्रीय स्तर पर असंगठित मजदूरों का डेटाबेस है। मध्य प्रदेश में करोड़ों मजदूरों को इससे लाभ मिला है। योजना का बजट सालाना अरबों रुपये का है, और यह गरीबी उन्मूलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। हाल के वर्षों में, योजना में गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स को शामिल किया गया, जो आधुनिक अर्थव्यवस्था का हिस्सा हैं।
ऐतिहासिक रूप से, भारत में असंगठित मजदूरों की स्थिति कमजोर रही है। 2020 के सामाजिक सुरक्षा कोड ने उन्हें पहचान दी, और मध्य प्रदेश ने इसे प्रभावी रूप से लागू किया। योजना ने महामारी के दौरान लाखों परिवारों को सहारा दिया। भविष्य में, इसे डिजिटल रूप से और मजबूत करने की योजना है, ताकि अधिक लोग लाभान्वित हों।
हालिया अनुदान वितरण: विवरण और प्रभाव
16 दिसंबर 2025 को, डॉ. यादव ने मंगलवार को संबल योजना के तहत 160 करोड़ रुपये की राशि 7,227 हितग्राहियों के बैंक खातों में हस्तांतरित की। यह वितरण प्रदेश के 55 जिलों में किया गया, जो राज्य की व्यापक पहुंच दर्शाता है। यह राशि एक्स-ग्रेशिया के रूप में दी गई, मुख्य रूप से मृत्यु और अपंगता मामलों में।
नीचे एक टेबल में मुख्य आंकड़े दिए गए हैं:
| विवरण | आंकड़े |
| शामिल जिले | 55 |
| हितग्राही | 7,227 |
| कुल राशि (करोड़ रुपये) | 160 |
| औसत राशि प्रति हितग्राही (लगभग) | 2.21 लाख |
यह वितरण मजदूरों के कठिन परिश्रम को सम्मान देता है, जैसा कि डॉ. यादव ने कहा: “उनकी मेहनत विकास की नींव है।” प्रभाव के रूप में, इससे परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई, और सामाजिक सुरक्षा बढ़ी। पहले भी, मार्च 2025 में 505 करोड़ रुपये 23,162 परिवारों को दिए गए थे।
यह कदम गरीबी कम करने और समावेशी विकास को बढ़ावा देता है। भविष्य में, अधिक डिजिटल ट्रांसफर से पारदर्शिता बढ़ेगी।
गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स को मान्यता
डॉ. यादव ने घोषणा की कि सरकार ने गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स को असंगठित श्रमिक का दर्जा दिया है। यह नवंबर 2025 में लागू हुए नए लेबर कोड्स का हिस्सा है। गिग वर्कर्स, जैसे उबर ड्राइवर या फूड डिलीवरी एजेंट, अब सामाजिक सुरक्षा के दायरे में आएंगे।
भारत में गिग इकोनॉमी तेजी से बढ़ रही है, जिसमें 1.5 करोड़ से अधिक लोग शामिल हैं। मध्य प्रदेश में, यह मान्यता संबल योजना से जुड़ेगी, जिससे उन्हें दुर्घटना बीमा और पेंशन मिलेगी। चुनौतियां हैं, जैसे पहचान और पंजीकरण, लेकिन ई-श्रम पोर्टल से यह आसान होगा। यह कदम आधुनिक रोजगार को मजबूत करेगा।
विधानसभा विशेष सत्र: पृष्ठभूमि
17 दिसंबर 2025 को मध्य प्रदेश विधानसभा का विशेष सत्र आयोजित किया गया, जो विधानसभा की स्थापना के 69 वर्ष पूरे होने पर था। पहली बैठक 17 दिसंबर 1956 को हुई थी। यह सत्र अतीत की गौरवशाली परंपराओं को याद करने और भविष्य की दिशा तय करने के लिए था।
सत्र में प्रदर्शनी लगाई गई, जिसमें 1956 से अब तक की यात्रा दिखाई गई। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने उद्घाटन किया।
विशेष सत्र का महत्व और उद्देश्य
सत्र का मुख्य उद्देश्य पक्ष और विपक्ष को मिलाकर चर्चा करना था। डॉ. यादव ने कहा कि यह सत्र लोकतंत्र की प्रतिबद्धता दर्शाता है। संकल्प लिया गया कि प्रदेश को आत्मनिर्भर और विकसित बनाया जाएगा। चर्चा में कांग्रेस ने हंगामा किया, लेकिन कुल मिलाकर सकारात्मक रही।
यह सत्र दुर्लभ था, जो प्रदेश की एकजुटता दिखाता है।
विकसित भारत @2047 का विजन
विकसित भारत @2047 भारत सरकार का विजन है, जो 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य रखता है। इसमें आर्थिक विकास, सामाजिक प्रगति, पर्यावरण संरक्षण, और अच्छा शासन शामिल है। पीएम मोदी ने इसे स्वतंत्रता की शताब्दी पर समर्पित किया।
मध्य प्रदेश इसमें योगदान देगा, जैसे कृषि, उद्योग, और शिक्षा में।
विकसित मध्य प्रदेश के लिए संकल्प
सत्र में विकसित मध्य प्रदेश के लिए संकल्प लिया गया, जिसमें 2047 तक आत्मनिर्भर प्रदेश बनाने पर फोकस है। डॉ. यादव ने गांवों को वृंदावन मॉडल पर विकसित करने की बात की। यह पर्यटन, कृषि, और इंफ्रास्ट्रक्चर पर आधारित है।
निष्कर्ष
डॉ. मोहन यादव का नेतृत्व मध्य प्रदेश को नई ऊंचाइयों पर ले जा रहा है। संबल योजना और विशेष सत्र जैसे कदम समावेशी विकास दर्शाते हैं। भविष्य में, अधिक निवेश और सुधार से प्रदेश विकसित होगा।
यह छवि डॉ. यादव के नेतृत्व को दर्शाती है।
प्रश्न और उत्तर
- प्रश्न: डॉ. मोहन यादव कब मुख्यमंत्री बने? उत्तर: दिसंबर 2023 में।
- प्रश्न: संबल योजना कब शुरू हुई? उत्तर: 2018 में।
- प्रश्न: हालिया अनुदान में कितनी राशि हस्तांतरित की गई? उत्तर: 160 करोड़ रुपये।
- प्रश्न: विशेष सत्र कब आयोजित हुआ? उत्तर: 17 दिसंबर 2025 को।
- प्रश्न: गिग वर्कर्स को क्या दर्जा दिया गया? उत्तर: असंगठित श्रमिक।
- प्रश्न: विकसित भारत @2047 का मुख्य लक्ष्य क्या है? उत्तर: 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाना।
- प्रश्न: संबल योजना में अंत्येष्टि सहायता कितनी है? उत्तर: 5,000 रुपये।
- प्रश्न: डॉ. यादव का जन्म स्थान क्या है? उत्तर: उज्जैन।
- प्रश्न: विशेष सत्र में क्या संकल्प लिया गया? उत्तर: विकसित मध्य प्रदेश बनाने का।
- प्रश्न: हितग्राहियों की संख्या कितनी थी? उत्तर: 7,227।