मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) के शहरी क्षेत्रों में अब एक नए युग की शुरुआत हो चुकी है। राज्य सरकार ने रीडेंसिफिकेशन स्कीम (Redensification Scheme) के तहत पुराने और जर्जर भवनों को तोड़कर उनके स्थान पर हाईराइज बिल्डिंग्स (Highrise Buildings) और कमर्शियल स्पेस विकसित करने का निर्णय लिया है।
यह प्रोजेक्ट भोपाल, इंदौर समेत 33 जिलों में चलाया जा रहा है। इसका उद्देश्य है – शहरों के मध्य में स्थित पुरानी, अनुपयोगी बिल्डिंगों को हटाकर बेहतर शहरी ढांचा (Urban Infrastructure) तैयार करना।

क्यों जरूरी है रीडेंसिफिकेशन स्कीम?
शहरीकरण का तेज़ी से बढ़ना
मध्यप्रदेश में शहरीकरण (Urbanization) की गति तेजी से बढ़ रही है। परंतु कई शहरों के नए मास्टर प्लान (Master Plan) नहीं बन पाए हैं, जिससे आवासीय भूमि (Residential Land) की भारी कमी देखने को मिल रही है।
इसी कारण हाउसिंग बोर्ड (MP Housing Board) को शहरों के भीतर जमीन नहीं मिल पा रही है। ऐसे में अब पुरानी इमारतों को पुनर्निर्माण (Redevelopment) कर नए सिरे से विकास करना सबसे कारगर समाधान माना जा रहा है।
रीडेंसिफिकेशन का उद्देश्य
- शहरों के बीच खाली जगहों का अधिकतम उपयोग
- सुरक्षित और आधुनिक आवासीय परिसर का निर्माण
- निवेश (Investment) और रोजगार (Employment) को बढ़ावा
- शहरी सौंदर्य (Urban Aesthetic) और इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत बनाना
33 जिलों में 45 प्रोजेक्ट – बड़े स्तर पर विकास
राज्य सरकार ने 33 जिलों में कुल 45 रीडेंसिफिकेशन प्रोजेक्ट (Redensification Projects) शुरू करने की मंजूरी दी है। ये सभी प्रोजेक्ट Public Private Partnership (PPP) मॉडल पर किए जाएंगे, जिससे सरकारी और निजी निवेशक मिलकर काम करेंगे।
| क्रमांक | जिला (District) | प्रस्तावित स्थान | अनुमानित लागत (₹ करोड़ में) | स्थिति |
| 1 | भोपाल | प्रोफेसर कॉलोनी | 380 | अनुमति प्रक्रिया जारी |
| 2 | इंदौर | ओल्ड पलासिया, होल्कर कॉलेज, ITI भूमि | 150 | DPR तैयार |
| 3 | रतलाम | जिला जेल भूमि | 170 | प्रारंभिक स्वीकृति |
| 4 | सागर | सेंट्रल जेल भूमि | 260 | योजना प्रस्तावित |
| 5 | खरगोन | लोक निर्माण विभाग भूमि | 315 | प्रस्ताव स्वीकृत |
| 6 | रीवा | सेंट्रल जेल भूमि | 300 | DPR निर्माणाधीन |
| 7 | दमोह | जिला जेल भूमि | 62 | कार्ययोजना तैयार |
| 8 | कटनी | PWD भूमि | 33 | कार्य आरंभ |
| 9 | सतना | पॉलीटेक्निक परिसर | 88 | DPR स्वीकृत |
| 10 | रायसेन | जिला अस्पताल के सामने | – | प्रगति पर |
Note: सभी प्रोजेक्ट Smart City Development और Modern Infrastructure मानकों पर आधारित होंगे।
( MP Redensification Projects, Housing Redevelopment, Urban Infrastructure)
अब तक मिले प्रस्ताव और मंजूरियाँ
35 प्रोजेक्ट्स को मिल चुकी है स्वीकृति
साधिकार समिति (Authority Committee) ने अब तक 35 प्रस्तावों को मंजूरी दी है। निवेशकों के चयन की प्रक्रिया जारी है और कई स्थानों पर कार्य प्रारंभ हो चुका है।
हाउसिंग बोर्ड आयुक्त डॉ. राहुल हरिदास फटिंग के अनुसार –
“कई जिलों में रीडेंसिफिकेशन की कार्ययोजना (Work Plan) तैयार की जा चुकी है और मंजूरी मिलते ही निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।”
भोपाल के सेंट्रल विस्टा का पुनर्निर्माण
सरकार के बजट से होगा कार्य
राजधानी भोपाल में स्थित अरेरा हिल्स क्षेत्र में सतपुड़ा और विंध्याचल भवनों को तोड़कर सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट (Central Vista Project Bhopal) की तर्ज पर नए भवन बनाए जाएंगे।
साधिकार समिति ने स्पष्ट किया है कि यह कार्य रीडेंसिफिकेशन स्कीम में शामिल नहीं होगा, बल्कि इसका निर्माण शासन के बजट (Government Budget) से किया जाएगा।
| भवन का नाम | प्रस्तावित निर्माण | लागत (₹ करोड़ में) | टिप्पणी |
| सतपुड़ा | नए टॉवर (Highrise) | निर्धारित नहीं | डीपीआर बन रही है |
| विंध्याचल | सरकारी कार्यालय परिसर | निर्धारित नहीं | योजना प्रगति पर |
| वल्लभ भवन परिसर | 12 टॉवर प्रस्तावित | – | बजट तय होना बाकी |
नीति में बदलाव – निवेशकों को बड़ा फायदा
2022 की नीति में संशोधन
राज्य सरकार ने हाल ही में Redensification Policy 2022 में संशोधन किया है।
पहले जहाँ 60% क्षेत्रफल पर ही ऑफसेट मूल्य (Offset Value) तय होता था,
अब निवेशक को 100% क्षेत्रफल और Collector Guideline Rate पर मूल्य निर्धारण का अधिकार होगा।
| संशोधन से पहले | संशोधन के बाद |
| 60% क्षेत्रफल पर ऑफसेट मूल्य | 100% क्षेत्रफल पर ऑफसेट मूल्य |
| 100% Collector Rate पर मूल्य निर्धारण | यथावत रहेगा |
| विकास कार्यों के लिए सीमित राशि | अधिक फंड उपलब्ध |
इससे Housing Board और Urban Development Projects के लिए अतिरिक्त राजस्व (Revenue Generation) प्राप्त होगा।
( Redensification Policy 2022 MP, Investor Benefits)
इंदौर में सड़कों और भवनों का नया रूप
मालवीय नगर में सड़क चौड़ीकरण
इंदौर में Master Plan 2041 के तहत कई नई सड़कें और हाउसिंग डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स पर तेजी से काम चल रहा है।
मालवीय नगर में एमआर-9 से LIG लिंक रोड तक के रास्ते में आने वाले 140 पुराने मकानों को हटाया गया है।
- नगर निगम ने 5 JCB और 5 Poclain मशीनों से कार्रवाई की।
- अप्रैल में नोटिस जारी किए गए थे।
- अब मार्ग पूरी तरह से खाली कर दिया गया है।
23 सड़कों के लिए केविएट दाखिल
नगर निगम ने हाईकोर्ट में 23 सड़कों के लिए Caveat Petition दाखिल की है ताकि किसी भी प्रकार की रुकावट से बचा जा सके।
| सड़क का नाम | प्रारंभ बिंदु | अंतिम बिंदु | चौड़ाई (मीटर/फीट) |
| सुभाष मार्ग | गोल मंदिर | रामबाग पुल | 30 मीटर / 100 फीट |
| नेहरू प्रतिमा मार्ग | छावनी पुल | – | 24 मीटर / 80 फीट |
| एबी रोड | GPO चौराहा | सरवटे बस स्टैंड | 24 मीटर / 80 फीट |
( Indore Development, Road Widening, Master Plan 2041)
रीडेंसिफिकेशन से होने वाले फायदे
आम जनता के लिए
- बेहतर और सुरक्षित आवास (Modern Housing)
- बिजली, पानी और स्वच्छता सुविधाओं में सुधार
- यातायात और पार्किंग की सुविधा में विस्तार
सरकार के लिए
- भूमि का समुचित उपयोग
- निवेश बढ़ेगा और राजस्व में वृद्धि होगी
- शहरी सौंदर्य और योजना के कार्यान्वयन में मदद
निवेशकों के लिए
- प्रीमियम लोकेशन पर हाईराइज डेवलपमेंट
- ऑफसेट प्लॉट के माध्यम से लाभ
- PPP मॉडल में दीर्घकालिक कमाई (Long-term Returns)
आगे की योजना (Future Plan)
| चरण | कार्य | अनुमानित समय |
| चरण 1 | Detailed Project Report (DPR) | 2025 की शुरुआत |
| चरण 2 | Tender & Investor Selection | 2025 के मध्य तक |
| चरण 3 | Construction Work Start | 2025 के अंत तक |
| चरण 4 | First Project Completion | 2027 तक |
(MP Urban Redevelopment Timeline)
चुनौतियाँ और समाधान
प्रमुख चुनौतियाँ
- कानूनी विवाद और भूमि स्वामित्व समस्या
- पुराने भवनों में निवास करने वाले परिवारों का पुनर्वास
- पर्यावरणीय अनुमति और NGT Clearance
- निवेशकों की समयसीमा से देरी
संभावित समाधान
- नीति में पारदर्शिता (Transparency Policy)
- Public Grievance Redressal System
- E-Tender और Online Monitoring System
- Rehabilitation Package for Residents
स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया
इंदौर, भोपाल, और सागर जैसे शहरों में लोग इसे Smart City Move के रूप में देख रहे हैं।
कई रहवासियों का कहना है कि –
“अब पुरानी इमारतों की जगह सुंदर, सुरक्षित और आधुनिक फ्लैट बनेंगे, जिससे शहर की तस्वीर बदल जाएगी।”
(Smart City Indore, Urban Growth)
पर्यावरणीय पहलू
रीडेंसिफिकेशन के दौरान ग्रीन बिल्डिंग कॉन्सेप्ट (Green Building Concept) लागू होगा।
- ऊर्जा की बचत
- वर्षा जल संरक्षण (Rainwater Harvesting)
- सोलर पैनल्स (Solar Energy Use)
- कचरा प्रबंधन (Waste Management System)
आर्थिक दृष्टि से लाभ
राज्य के इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में लगभग ₹3000 करोड़ से अधिक का निवेश आने की उम्मीद है।
इससे निर्माण उद्योग, सीमेंट, स्टील, रियल एस्टेट और लोकल रोजगार को बढ़ावा मिलेगा।
( Economic Growth MP, Infrastructure Investment)
निष्कर्ष
मध्यप्रदेश में रीडेंसिफिकेशन स्कीम (Redensification Scheme) न केवल पुराने भवनों को नया जीवन देगी बल्कि राज्य के शहरी परिदृश्य को पूरी तरह बदल देगी।
इस योजना से सुरक्षित आवास, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, निवेश के अवसर और आधुनिक शहरों का सपना साकार होगा।
(MP Housing Redevelopment Success)
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
Q1. रीडेंसिफिकेशन स्कीम क्या है?
A1. यह योजना पुरानी जर्जर बिल्डिंगों को तोड़कर उनके स्थान पर हाईराइज और कमर्शियल प्रोजेक्ट्स बनाने की प्रक्रिया है।
Q2. इस योजना से कौन लाभान्वित होगा?
A2. आम नागरिक, निवेशक और सरकार — तीनों को लाभ होगा।
Q3. यह योजना किन जिलों में लागू हो रही है?
A3. भोपाल, इंदौर सहित 33 जिलों में 45 स्थानों पर प्रोजेक्ट्स शुरू हैं।
Q4. क्या यह योजना PPP मॉडल पर आधारित है?
A4. हाँ, यह Public Private Partnership मॉडल पर ही कार्यान्वित होगी।
Q5. निवेशकों को क्या लाभ मिलेगा?
A5. उन्हें ऑफसेट प्लॉट और निवेश पर लाभदायक रिटर्न मिलेंगे।
Q6. क्या भोपाल का सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट भी इसी योजना में है?
A6. नहीं, उसका निर्माण सरकार के बजट से किया जाएगा।
Q7. अब तक कितने प्रस्तावों को मंजूरी मिली है?
A7. लगभग 35 प्रोजेक्ट्स को साधिकार समिति से स्वीकृति मिल चुकी है।
Q8. क्या रीडेंसिफिकेशन से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे?
A8. हाँ, निर्माण और सेवा क्षेत्र में हजारों नए रोजगार पैदा होंगे।
Q9. पर्यावरणीय अनुमति की क्या स्थिति है?
A9. सभी प्रोजेक्ट्स NGT और Pollution Control मानकों के अनुरूप होंगे।
Q10. इन प्रोजेक्ट्स की मॉनिटरिंग कैसे होगी?
A10. राज्य सरकार ने ई-टेंडर और ऑनलाइन मॉनिटरिंग सिस्टम लागू किया है ताकि पारदर्शिता बनी रहे।